Monday, 28 September 2026
झूठ
सने हुए हैं ये हाथ खूँ में,
बड़ा तमाशा मचा हुआ है
वो झूठ कब से बता रहे हैं,
क्या कुछ भी कहना बचा हुआ है।
कविराज तरुण
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