चीख है पुकार है हर ओर बलात्कार है शर्मिंदा है देश आज और दिल्ली शर्मसार है भ्रमित युवा है आजका कलुषित हुए विचार हैं लुप्त हो गए एक क्षण में सारे संस्कार हैं ट्रेन में बस में ऑटो में या राह पर छेड़-छाड़ तानेबाजी या एसिड का प्रहार है लगता है युवक आज हो गया बीमार है और इन सबके सामने हमारा लोकतंत्र लाचार है चीख है पुकार है हर ओर बलात्कार है शर्मिंदा है देश आज और दिल्ली शर्मसार है
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