Tuesday, 12 May 2020
नजर
खुद से नजर कभी मिला लिया करो
ये आईना कभी उठा लिया करो
मिल जायेंगे तुम्हे अपने फरेब भी
चश्म-ए-दीद दिल को बना लिया करो
कविराज तरुण
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